PM Awas Yojana 2.0 2026: पात्रता, ₹2.50 लाख तक सहायता और आवेदन कैसे करें

Last Updated: September 29, 2026

शहरों में किराये या कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों के लिए PM Awas Yojana 2.0 एक बार फिर चर्चा में है। इस योजना का लक्ष्य शहरी इलाकों के ऐसे परिवारों को पक्का घर बनाने, खरीदने या किफायती आवास से जोड़ने में मदद करना है, जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का घर नहीं है। योजना के तहत पात्र परिवारों के लिए केंद्र सरकार की सहायता अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति आवास इकाई तक हो सकती है।

PM Awas Yojana 2.0 क्या है

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को सितंबर 2024 में शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य शहरी क्षेत्रों के अतिरिक्त 1 करोड़ परिवारों की आवास जरूरत पूरी करना है। योजना पांच साल की अवधि के लिए लागू है और इसके तहत घर बनाने, खरीदने या किराये के किफायती आवास से जुड़ी चार अलग-अलग व्यवस्थाएं रखी गई हैं।

इस योजना में Beneficiary Led Construction, Affordable Housing in Partnership, Affordable Rental Housing और Interest Subsidy Scheme शामिल हैं। यानी हर लाभार्थी को एक ही तरीके से सहायता नहीं मिलती, बल्कि उसकी स्थिति और पात्रता के अनुसार संबंधित विकल्प के तहत लाभ दिया जाता है।

₹2.5 लाख की मदद का क्या मतलब है

₹2.50 लाख को हर लाभार्थी को मिलने वाली एक समान नकद राशि समझना सही नहीं होगा। PMAY-U 2.0 के BLC और AHP verticals में केंद्रीय सहायता राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार अलग है। पूर्वोत्तर राज्यों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी और दिल्ली के लिए केंद्रीय सहायता ₹2.25 लाख प्रति यूनिट तक है और न्यूनतम राज्य हिस्सा ₹25,000 है। अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्रीय सहायता ₹2.50 लाख प्रति यूनिट तक है, जबकि अन्य राज्यों में केंद्रीय सहायता ₹1.50 लाख प्रति यूनिट और न्यूनतम राज्य हिस्सा ₹1 लाख प्रति यूनिट है।

PMAY-U 2.0 के funding pattern में न्यूनतम लाभार्थी हिस्सेदारी घर या परियोजना की लागत का 25 प्रतिशत रखना अनिवार्य है। इसलिए ₹2.50 लाख अधिकतम केंद्रीय सहायता की सीमा है, न कि सभी लाभार्थियों को मिलने वाली निश्चित रकम। वास्तविक सहायता संबंधित vertical, राज्य/UT और स्वीकृत परियोजना के अनुसार तय होती है।

विवरणजानकारी
योजनाPMAY-U 2.0
लक्ष्य1 करोड़ शहरी परिवार
अधिकतम केंद्रीय सहायता₹2.50 लाख प्रति आवास इकाई तक

किन परिवारों को मिल सकता है लाभ

PMAY-U 2.0 शहरी क्षेत्रों में रहने वाले EWS, LIG और MIG परिवारों के लिए है। EWS परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख तक, LIG की ₹3 लाख से ₹6 लाख तक और MIG की ₹6 लाख से ₹9 लाख तक निर्धारित है। राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों के स्तर पर लागू प्रावधानों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

पात्र परिवार या उसके किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए। परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे या बेटियां शामिल हैं। इसके अलावा, यदि आवेदक ने पिछले 20 वर्षों में केंद्र सरकार, राज्य सरकार या स्थानीय निकाय की किसी housing scheme का लाभ लिया है, तो वह PMAY-U 2.0 के लिए पात्र नहीं होगा। केवल आय सीमा पूरी करना पर्याप्त नहीं है; चुने गए vertical की शर्तें, दस्तावेज और सत्यापन भी जरूरी हैं।

2026 में PMAY-U 2.0 की ताजा प्रगति

11 सितंबर 2026 को आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की 9वीं CSMC बैठक के बाद PMAY-U 2.0 के तहत कुल 18.77 लाख घरों को मंजूरी दी जा चुकी थी। इसी बैठक में असम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों में 29,000 से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गई। यह आंकड़ा योजना की आधिकारिक 11 सितंबर 2026 की प्रगति को दर्शाता है।

उत्तर प्रदेश के लिए भी 2026 में केंद्र से सहायता जारी हुई है। PMAY-U 2.0 के आधिकारिक sanction records के अनुसार 9 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश के 105 BLC प्रोजेक्ट्स में 23,945 घरों के लिए ₹143.67 करोड़ की पहली किस्त स्वीकृत की गई थी।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

PMAY-U 2.0 के लिए पात्र लाभार्थी Unified Web Portal के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन Common Service Centre (CSC) या अपने संबंधित Urban Local Body/नगरपालिका के माध्यम से भी किया जा सकता है। आवेदन के दौरान Aadhaar की कॉपी, बैंक खाते की जानकारी, पात्रता संबंधी undertaking और BLC के मामले में जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। राज्य/UT/ULB/PLI के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी आवश्यक हो सकते हैं।

आवेदन जमा होने के बाद लाभार्थी Unified Web Portal पर अपने आवेदन की स्थिति track कर सकता है। PMAY-U 2.0 के आधिकारिक portal में आवेदन और application-status tracking की सुविधा उपलब्ध है। इसलिए किसी अनधिकृत वेबसाइट या व्यक्ति को आवेदन के लिए पैसा देने से पहले आधिकारिक portal या संबंधित नगर निकाय से जानकारी लेना बेहतर है।

FAQ

PM Awas Yojana 2.0 में कितनी सहायता मिलती है?

PMAY-U 2.0 के तहत केंद्रीय सहायता अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति आवास इकाई तक हो सकती है। वास्तविक केंद्रीय और राज्य सहायता संबंधित राज्य तथा योजना के वर्टिकल के अनुसार तय होती है।

क्या हर लाभार्थी को ₹2.50 लाख सीधे मिलेंगे?

नहीं। ₹2.50 लाख PMAY-U 2.0 में अधिकतम केंद्रीय सहायता की सीमा है और यह सभी लाभार्थियों को समान रूप से मिलने वाली राशि नहीं है। BLC और AHP में केंद्रीय सहायता राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के funding pattern के अनुसार ₹1.50 लाख, ₹2.25 लाख या ₹2.50 लाख प्रति यूनिट तक हो सकती है। इसके अलावा राज्य का हिस्सा और न्यूनतम 25 प्रतिशत लाभार्थी हिस्सेदारी भी लागू होती है।

PM Awas Yojana 2.0 में कौन आवेदन कर सकता है?

शहरी क्षेत्र में रहने वाले पात्र EWS, LIG और MIG परिवार आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का घर न हो और योजना की अन्य शर्तें पूरी होती हों।

PM Awas Yojana 2.0 के लिए आवेदन कैसे करें?

पात्र लाभार्थी PMAY-U 2.0 के Unified Web Portal पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन Common Service Centre (CSC) या संबंधित Urban Local Body/नगरपालिका के माध्यम से भी किया जा सकता है। आवेदन के बाद इसी व्यवस्था के माध्यम से आवेदन की स्थिति track की जा सकती है।

References

इस लेख में PM Awas Yojana 2.0 से संबंधित पात्रता, सहायता राशि, आवेदन प्रक्रिया और योजना की प्रगति की जानकारी भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों के आधार पर दी गई है। प्रमुख आधिकारिक स्रोत नीचे दिए गए हैं:

विशेष संदर्भ: उत्तर प्रदेश के लिए 9 जुलाई 2026 के आधिकारिक sanction record में 105 BLC projects के तहत 23,945 घरों के लिए ₹143.67 करोड़ की पहली किस्त की मंजूरी दर्ज है।

स्रोत: Ministry of Housing and Urban Affairs, Government of India.

नोट: PMAY-U 2.0 की पात्रता, funding pattern, स्वीकृतियां और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार अपडेट हो सकती हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक PMAY-U 2.0 पोर्टल या संबंधित Urban Local Body से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।

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