Haryana Solar Panel Subsidy 2026: सोलर पैनल पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

Last Updated: September 29, 2026

Haryana Solar Panel Subsidy 2026: बिजली के बढ़ते खर्च के बीच घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। हरियाणा में भी घरेलू उपभोक्ता केंद्र सरकार की PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत रूफटॉप सोलर पर मिलने वाली केंद्रीय वित्तीय सहायता का लाभ ले सकते हैं। योजना का लक्ष्य देशभर में एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाना है और इसे ग्रिड से जुड़े घरेलू बिजली कनेक्शन वाले आवासीय उपभोक्ताओं के लिए लागू किया गया है।

2026 में कितनी मिलेगी सोलर सब्सिडी

सोलर पैनल पर मिलने वाली सबसे बड़ी राहत इसकी क्षमता के हिसाब से तय होती है। मौजूदा केंद्रीय सहायता के अनुसार पहले 2 किलोवाट तक ₹30,000 प्रति किलोवाट की सहायता मिलती है। इसके बाद 2 से 3 किलोवाट के बीच अतिरिक्त क्षमता पर ₹18,000 प्रति किलोवाट की सहायता है। 3 किलोवाट से ज्यादा क्षमता लगाने पर अतिरिक्त केंद्रीय सहायता नहीं मिलती। इस तरह घरेलू उपभोक्ता के लिए अधिकतम केंद्रीय सहायता ₹78,000 तक पहुंच सकती है।

सोलर क्षमताकेंद्रीय सहायता
1 किलोवाट₹30,000 तक
2 किलोवाट₹60,000 तक
3 किलोवाट₹78,000 तक

किसे मिल सकता है सब्सिडी का लाभ

यह सहायता मुख्य रूप से आवासीय बिजली उपभोक्ताओं के लिए है। रूफटॉप सोलर सिस्टम संबंधित घरेलू बिजली कनेक्शन से जुड़ा होना चाहिए और योजना के तकनीकी नियमों को पूरा करना जरूरी है। सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार सोलर सिस्टम के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों और पात्र मॉड्यूल संबंधी शर्तों का पालन भी जरूरी है।


हरियाणा के उपभोक्ताओं के लिए यह बात खास है कि सब्सिडी का लाभ लेने की प्रक्रिया केंद्र की PM Surya Ghar व्यवस्था और संबंधित बिजली वितरण कंपनी की सत्यापन प्रक्रिया से जुड़ी है। इसलिए केवल सोलर पैनल खरीद लेना पर्याप्त नहीं है।

आवेदन के बाद कैसे मिलती है सब्सिडी

रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए उपभोक्ता को योजना के राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होता है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत विक्रेता का चयन, सिस्टम की स्थापना और DISCOM द्वारा निरीक्षण एवं सत्यापन किया जाता है। सफल स्थापना और सत्यापन के बाद पात्र केंद्रीय सहायता लाभार्थी के बैंक खाते या, कुछ परिस्थितियों में, संबंधित ऋण खाते में भेजी जा सकती है।


यही वजह है कि आवेदन करते समय सही बिजली कनेक्शन विवरण और बैंक से जुड़ी जानकारी देना महत्वपूर्ण हो जाता है। सिस्टम की स्थापना भी योजना के तहत निर्धारित मानकों के अनुसार होनी चाहिए।

3 किलोवाट का सिस्टम क्यों बन सकता है उपयोगी

किसी घर के लिए सोलर क्षमता तय करते समय केवल अधिक सब्सिडी पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। घर में हर महीने कितनी बिजली खपत होती है, छत पर कितनी जगह उपलब्ध है और दिन के समय बिजली की जरूरत कितनी रहती है, इन बातों का भी असर पड़ता है।


योजना से जुड़े सरकारी दस्तावेजों में सामान्य घरेलू खपत के आधार पर 1 से 3 किलोवाट के सिस्टम को अलग-अलग जरूरतों के लिए उपयुक्त बताया गया है। 3 किलोवाट तक पहुंचने पर ₹78,000 की अधिकतम केंद्रीय सहायता मिल सकती है, जबकि इससे ऊपर की क्षमता पर अतिरिक्त CFA नहीं मिलता।

Haryana Solar Panel Subsidy के लिए जरूरी बातें

हरियाणा में रूफटॉप सोलर लगाने की प्रक्रिया राज्य के DISCOM और केंद्र की PM Surya Ghar व्यवस्था से जुड़ी है। HAREDA की वेबसाइट पर भी ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर से संबंधित आवेदन और अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं।


आवेदन से पहले उपभोक्ता को अपने बिजली कनेक्शन, छत की स्थिति, अनुमानित सोलर क्षमता और अधिकृत विक्रेता से जुड़ी जानकारी जांच लेनी चाहिए। इससे स्थापना के बाद सत्यापन के समय अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।

FAQ

Haryana Solar Panel Subsidy 2026 में अधिकतम कितनी सब्सिडी मिलेगी?

घरेलू रूफटॉप सोलर के लिए अधिकतम केंद्रीय वित्तीय सहायता ₹78,000 तक है। पहले 2 किलोवाट पर ₹30,000 प्रति किलोवाट और अतिरिक्त 1 किलोवाट पर ₹18,000 की सहायता निर्धारित है।

क्या हरियाणा में घर पर सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी मिल सकती है?

हां, पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ता PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत रूफटॉप सोलर के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता का लाभ ले सकते हैं।

सोलर सब्सिडी पाने के लिए क्या करना होगा?

उपभोक्ता को योजना की राष्ट्रीय प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है। इसके बाद निर्धारित विक्रेता से स्थापना और संबंधित DISCOM की जांच व सत्यापन के बाद पात्र सहायता जारी की जाती है।

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