UP Krishak Samriddhi Yojana 2026: उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2026 शुरू हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2026 को इस योजना का शुभारंभ किया। इसका मकसद किसानों को खेती से जुड़े दीर्घकालिक निवेश के लिए कम ब्याज पर कर्ज उपलब्ध कराना है। योजना के तहत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक के माध्यम से 6 लाख रुपये तक का ऋण देने की व्यवस्था की गई है।
6 लाख रुपये तक मिलेगा ऋण
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत कम ब्याज दर है। पात्र किसानों को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर दीर्घकालिक कृषि ऋण दिया जाएगा। समय पर किस्तों का भुगतान करने वाले किसानों के लिए सरकार की ओर से 5 प्रतिशत ब्याज की भरपाई का प्रावधान भी रखा गया है। इससे नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों पर ब्याज का बोझ काफी कम हो सकता है। योजना के लिए सरकार ने 384 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और आने वाले वर्षों में करीब 5 लाख किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
| योजना | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2026 |
| अधिकतम ऋण | 6 लाख रुपये तक |
| ब्याज दर | 6 प्रतिशत वार्षिक |
किन किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है और उसके नाम खेती योग्य भूमि के वैध दस्तावेज होने चाहिए। 2 हेक्टेयर तक कृषि भूमि वाले किसानों को पात्रता के दायरे में रखा गया है। बैंक की ओर से आवेदक के भूमि रिकॉर्ड और पुराने ऋण की स्थिति की भी जांच की जा सकती है।
योजना का उद्देश्य केवल सामान्य मौसमी खर्च पूरा करना नहीं है। इसका फोकस खेती में लंबे समय के निवेश पर है, ताकि किसान सिंचाई, कृषि मशीनरी और दूसरी जरूरी कृषि गतिविधियों में पैसा लगा सकें। कम ब्याज वाला ऋण मिलने से ऐसे किसान खेती को बेहतर तरीके से बढ़ाने की योजना बना सकते हैं।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की गई है। किसान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के पोर्टल पर जाकर ऋण आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान जनपद, बैंक शाखा, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और गांव जैसी जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद प्रस्तावित ऋण राशि और व्यक्तिगत जानकारी भरकर मोबाइल नंबर से ओटीपी सत्यापन किया जाता है।
ऑनलाइन पंजीकरण पूरा होने के बाद आवेदन संबंधित बैंक शाखा तक पहुंचता है। इसके बाद बैंक अधिकारी दस्तावेजों और कृषि भूमि का सत्यापन करते हैं। पात्रता और जांच प्रक्रिया पूरी होने पर ऋण स्वीकृति की आगे की कार्रवाई की जाती है। किसान चाहें तो नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक की शाखा से भी योजना की जानकारी लेकर आवेदन प्रक्रिया समझ सकते हैं।
आवेदन से पहले ये दस्तावेज रखें तैयार
आवेदन करने से पहले किसानों को अपने जरूरी कागजात तैयार रखने चाहिए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे खतौनी या खसरा, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर शामिल हो सकते हैं। दस्तावेजों में नाम और दूसरी जानकारी सही होना जरूरी है, क्योंकि आवेदन के बाद भूमि और पहचान से जुड़ा सत्यापन किया जा सकता है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना
खेती में ट्रैक्टर, सिंचाई व्यवस्था, कृषि उपकरण या दूसरी पूंजीगत जरूरतों के लिए एक साथ बड़ी रकम जुटाना छोटे किसानों के लिए आसान नहीं होता। ऐसे में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का कम ब्याज वाला दीर्घकालिक ऋण खेती में निवेश का रास्ता खोल सकता है। सरकार की ब्याज भरपाई की व्यवस्था समय पर भुगतान करने वाले किसानों को नियमित किस्त चुकाने के लिए प्रोत्साहित करती है।
FAQ
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में कितना लोन मिलेगा?
पात्र किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक कृषि ऋण मिल सकता है।
योजना में ब्याज दर कितनी है?
ऋण पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर निर्धारित की गई है। समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों के लिए 5 प्रतिशत ब्याज की भरपाई का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
किसान योजना के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक की शाखा से भी आवेदन संबंधी जानकारी ली जा सकती है।