Nand Baba Dugdh Mission 2026: पशुपालकों को मिलेगा डेयरी बढ़ाने का मौका, जानें लाभ

Last Updated: September 26, 2026

Nand Baba Dugdh Mission 2026: उत्तर प्रदेश में डेयरी और स्वदेशी गोवंश को बढ़ावा देने के लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसका फोकस बेहतर नस्ल के पशुओं के पालन, दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों को डेयरी इकाई स्थापित करने में सहायता देने पर है। राज्य सरकार ने इस मिशन के लिए पांच वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये की लागत का प्रावधान बताया है।

मिशन के अंतर्गत अलग-अलग क्षमता वाली डेयरी इकाइयों के लिए अलग योजनाएं हैं। इसलिए पशुपालक को आवेदन करने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह किस योजना की पात्रता पूरी करता है।

किन योजनाओं के तहत मिलता है लाभ

नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन योजनाओं का उल्लेख किया गया है। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 25 स्वदेशी पशुओं की परियोजना के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। इसकी परियोजना लागत 62.50 लाख रुपये बताई गई है।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 10 स्वदेशी पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने की व्यवस्था है। इसकी परियोजना लागत 23.60 लाख रुपये है और इसमें 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में दो स्वदेशी पशुओं की इकाई के लिए अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है।

योजनापशुओं की संख्यासहायता
नंदिनी कृषक समृद्धि2550% सब्सिडी
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि1050% सब्सिडी
मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन2अधिकतम ₹80,000

10 गायों की डेयरी पर कितना फायदा

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उन पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण है जो बड़े स्तर पर स्वदेशी गायों की डेयरी शुरू करना चाहते हैं। 2026 में गोरखपुर सहित जिलों में इस योजना के लाभार्थियों को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 23.60 लाख रुपये की परियोजना पर 50 प्रतिशत सरकारी अनुदान का प्रावधान है।

इस तरह डेयरी शुरू करने वाले व्यक्ति को पूरी परियोजना लागत अपनी जेब से नहीं लगानी पड़ती। हालांकि बाकी राशि की व्यवस्था लाभार्थी को करनी होती है और योजना की शर्तों के अनुसार बैंक गारंटी या निजी वित्तीय व्यवस्था की जरूरत हो सकती है।

दो स्वदेशी गायों पर भी सहायता

छोटे स्तर से शुरुआत करने वाले पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना अलग विकल्प देती है। इसके तहत दो उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों की खरीद पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। 2026 में कई जिलों में इसके लिए ऑनलाइन आवेदन और लाभार्थी चयन की प्रक्रिया संचालित हुई।

इस योजना का लाभ लेने वालों के लिए पशुओं की नस्ल, रखरखाव और अन्य निर्धारित शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इसलिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत आवेदन की प्रक्रिया और अंतिम तारीख जिले तथा संबंधित योजना के अनुसार अलग हो सकती है। 2026 में अलग-अलग जिलों में ऑनलाइन आवेदन की समय-सीमा अलग रही है। उदाहरण के लिए कानपुर में मिनी नंदिनी योजना के लिए जुलाई 2026 में आवेदन मांगे गए थे।

आवेदन से पहले पशुपालक को अपने जिले के दुग्धशाला विकास या पशुपालन विभाग से मौजूदा दिशा-निर्देश की जानकारी लेनी चाहिए। जमीन, पशु रखने की व्यवस्था, चारा, बैंक संबंधी दस्तावेज और पशुओं की निर्धारित नस्ल जैसी शर्तें योजना के अनुसार लागू हो सकती हैं।

FAQ

नंद बाबा दुग्ध मिशन 2026 में कितनी सब्सिडी मिलती है?

सहायता योजना के अनुसार अलग होती है। मिनी नंदिनी और नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में 50 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान है, जबकि दो स्वदेशी गायों की योजना में अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सहायता बताई गई है।

क्या छोटे पशुपालक भी आवेदन कर सकते हैं?

हां, दो स्वदेशी पशुओं वाली मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना छोटे स्तर पर डेयरी शुरू करने या बढ़ाने वाले पशुपालकों के लिए बनाई गई है। हालांकि अंतिम पात्रता संबंधित वर्ष और जिले के दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी।

नंद बाबा दुग्ध मिशन में आवेदन कैसे करें?

योजनाओं के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से मांगे जा सकते हैं। आवेदन की तारीख और आवश्यक दस्तावेज योजना तथा जिले के अनुसार अलग हो सकते हैं, इसलिए आवेदन से पहले संबंधित विभाग की नवीनतम सूचना देखना जरूरी है।

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